शिक्षा सचिव के आदेशों को भी नहीं मानते प्राइवेट स्कूल के प्रबंधक,आदेशों की जमकर उड़ाई जा रहीं हैं धज्जियां


(आरिफ नियाज़ी ) एक तरफ जहां पूरा देश कैरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी से दहशत में है वही उत्तराखंड सरकार ने भी कैरोना वायरस के खतरे को देखते हुए तमाम पॉलिटेक्निक कॉलेज, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है लेकिन वही रुड़की और आसपास के कुछ प्राइवेट स्कूल सरकार के आदेशों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ा रहे हैं आलम यह है कि शिक्षा सचिव के आदेश भी इन स्कूल मालिकों के लिए कोई मायने नहीं रखते ।आज सुबह भी छोटे-छोटे बच्चे निर्धारित समय से पहले ही स्कूल में जाते दिखाई दिए।रुड़की के रामनगर, कृष्णा नगर,सुनहरा और गुलाब नगर समेत हरिद्वार रोड पर स्थित कुछ स्कूल पूरी तरह से खुले नज़र आए।इस मामले में स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सालाना परीक्षा को लेकर बच्चों को स्कूल में बुलाया गया था परीक्षाओं के चलते वह स्कूल को बंद नहीं कर सकते जबकि उत्तराखंड के विद्यालय शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कैरोना वायरस को देखते हुए 31 मार्च तक सभी शिक्षण संस्थाएं बंद करने के आदेश दिए थे ।जिसमें इंटरमीडिएट तक के स्कूल भी शामिल है हालांकि शिक्षा सचिव के आदेश सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल भी हुए थे इतना ही नही मीडिया में भी प्रसारित हुए थे लेकिन बावजूद इसके कुछ प्राइवेट स्कूलों ने इन आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए शिक्षण कार्य जारी रखा और स्कूल हर रोज की तरह खुले नजर आए खंड शिक्षा अधिकारी रुड़की ने बताया कि जो भी स्कूल खोले गए हैं उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी अभी वह ऐसे स्कूलों को चिन्हित करने में लगे हुए हैं।वहीं ज़िला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी ने तो ऐसे स्कूलों की मान्यता ही खत्म करने की बात कही है अब देखना ये है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी कब तक कार्यवाही अमल में ला पाते हैं।

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