शांतरशाह गांव में राशन ना मिलने से ग्रामीण परेशान

आरिफ नियाज़ी

एक तरफ जहां कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी से पूरी दुनिया मे दहशत का माहौल है वहीं देश मे भी लगे लॉक डाउन का कुछ राशन डीलर लाभ उठाने में जुट गए हैं।ऐसे राशन डीलर गरीबों के राशन पर डाका डालने में लग गए हैं आलम ये है कि शांतरशाह राशन डीलर की दबंगई के चलते ग्रामीण बेहद दहशत में है। ग्रामीणों को आज छह दिन हो चुके हैं लेकिन राशन नहीं मिला है।ग्रामीणों का आरोप है राशन डीलर तेजप्रताप सैनी एक दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है जो राशन देने के नाम पर अक्सर ग्रामीणों के साथ मारपीट करता है। ग्रामीण चंद्र किरण जैसे सैंकड़ों लोग ऐसे हैं जो राशन ना मिलने से भूखे पेट सोने के लिए मजबूर हैं ग्रामीणो ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन ने छह दिन पहले राशन डीलर तेज प्रताप की दुकान को अनियमितता मिलने के आरोप में सील किया था। लेकिन उसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था आज तक नहीं हो पाई है जिससे ग्रामीण परेशान हैं। यहां तक कि राशन डीलर के खिलाफ अभी तक भी कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कि गई है हैरत की बात ये है की शांतरशाह निवासी चंद्रकिरण की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि उसकी एक बच्ची ज़िंदगी और मौत से जूझ रही है जिसका उपचार कराने तक के भी उसके पास पैसे नहीं है वो आर्थिक रूप से टूट चुका है लेकिन राशन डीलर को इससे कोई लेना देना नहीं है।ग्रामीणों का आरोप है कि ऊंची पहुंच और राजनीतिक दबाव के चलते राशन डीलर पर प्रशासन कोई बड़ी कार्यवाही भी नहीं कर पाता है जिसके चलते आज भी ग्रामीण अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि वहीं राशन डीलर तेजप्रताप सैनी के खिलाफ बहादराबाद पुलिस ग्रामीणों के साथ मारपीट और गालीगलौच करने के मामले में मुकदमा भी दर्ज कर चुकी है। वहीं एक तरफ जहां राशन डीलर की भूमिका को लेकर तहसील प्रशासन बेहद सख्त है तो वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि खाद्य पूर्ति विभाग के कुछ बड़े अधिकारी राशन डीलर को बचाने में जुट गए है। राशन डीलर पर कोई कार्यवाही ना हो इसके लिए खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारी पूरी कोशिश में लगे हुए हैं हालांकि तहसील प्रशासन राशन डीलर के रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर जांच करने में जुटा है। उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान का कहना है कि जांच जारी है अगर राशन की दुकान में खामियां मिलती हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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