भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर महिला कांग्रेस ने जताया रोष,रश्मि चौधरी ने कहा की भाजपा नेता मर्यादा भूल गए

आरिफ़ नियाज़ी

रूडकी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर भगत के द्वारा नेता प्रतिपक्ष पर की गई अभद्र टिप्पणी के बाद प्रदेश भर के कांग्रेसी नेताओं में भारी रोष व्याप्त है हालांकि बवाल के बाद मुख्यमंत्री के द्वारा माफी मांगे जाने के बाद भी विपक्षी पार्टियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। महिला कांग्रेस की ज़िलाध्यक्ष रश्मि चौधरी ने भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है।उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग हमेशा ही महिलाओं का अपमान करते आए हैं इस बार भी भाजपा का चेहरा बेनकाब हो चुका है। गौरतलब है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के द्वारा एक कार्यक्रम में मंच से अपने संबोधन में प्रदेश की नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के द्वारा भाजपा के अनेक विधायकों के उनके संपर्क में होने की बात कही गई थी, उस पर कटाक्ष करते हुए नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के बाद प्रदेश भर में सियासी हलकों में उनकी काफी आलोचना हुई थी।

जिसके बाद मामले में मुख्यमंत्री को स्वयं सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर माफी मांगने पड़ी थी। वही बंशीधर भगत ने कहा कि अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं। इसका मतलब साफ है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तो माफी मांगी लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने अपना बयान तो वापस ले लिया लेकिन माफी नहीं मांगी। इस पूरे मामले में आज महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रश्मि चौधरी ने भाजपा नेताओं पर बड़ा हमला बोला है उन्होंने कहा कि अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा के नेता बौखलाकर महिलाओं के बारे में इस तरह के बयान जारी कर रहे हैं उन्हें महिलाओं का सम्मान करना नहीं आता 2022 में प्रदेश की जनता भाजपा नेताओं को आईना दिखाएगी। रश्मि चौधरी ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत का बयान भाजपा की संस्कृति एवं संस्कार को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के द्वारा माफी मांगना जाना केवल एक ड्रामा भर है और एक डैमेज कंट्रोल की प्रक्रिया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को हटाने की मांग के साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा का यही ट्रेंड है कि पहले गलती कर दो फिर उस पर डटे रहो और उसे वापस ना लो। इसी ट्रेंड पर चलते हुए केंद्र की सरकार द्वारा कृषि अध्यादेश को लागू तो कर दिया है लेकिन वापस नहीं ले रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.